ओम शर्मा, गया: किसानों के लिए चलाए जा रहे सरकार के महत्वपूर्ण फार्मर रजिस्ट्री अभियान में लापरवाही बरतना दो किसान सलाहकारों को महंगा पड़ गया। जिला पदाधिकारी गया ने कार्य में लगातार उदासीनता और आदेशों की अवहेलना करने पर अतरी और फतेहपुर प्रखंड के दो किसान सलाहकारों को चयनमुक्त कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, अतरी प्रखंड के किसान सलाहकार सुमित कुमार को 1828 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन छह माह में वे केवल 711 किसानों का ही पंजीकरण करा सके। इतना ही नहीं, 12 मई से 31 मई तक उनका प्रदर्शन शून्य रहा। कई बार चेतावनी और स्पष्टीकरण मांगे जाने के बावजूद सुधार नहीं होने पर जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की।
वहीं फतेहपुर प्रखंड के किसान सलाहकार प्रभात कुमार को 1467 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री करनी थी, लेकिन उन्होंने मात्र 519 किसानों का ही पंजीकरण कराया। लगातार खराब प्रदर्शन, अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी और स्पष्टीकरण का जवाब नहीं देने के कारण उन्हें भी चयनमुक्त कर दिया गया।
⚠️ डीएम की सख्त चेतावनी
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि फार्मर रजिस्ट्री सरकार की प्राथमिकता वाली योजना है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को लक्ष्य पूरा करने तथा किसानों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
📌 किसानों के लिए क्यों जरूरी है फार्मर रजिस्ट्री?
फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जाता है। इसलिए प्रशासन इस कार्य की नियमित निगरानी कर रहा है।
फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही पड़ी भारी, गया में दो किसान सलाहकार चयनमुक्त
























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