ओम शर्मा , बोधगया: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, समयबद्ध सेवा और भ्रष्टाचार पर सख्ती के संकल्प के साथ बड़ा प्रशासनिक सुधार अभियान शुरू किया है।

उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बोधगया में आयोजित भूमि सुधार जनकल्याण संवाद में स्पष्ट संदेश दिया कि अब विभाग में भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा और दोषी कर्मचारियों पर त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।

उन्होंने बताया कि सभी राजस्व सेवाएं अब ऑनलाइन कर दी गई हैं, दाखिल-खारिज के आपत्तिरहित मामलों का निष्पादन 14 दिन में, अविवादित जमीन की मापी 7 दिन और विवादित की 11 दिन में पूरी होगी, जबकि परिमार्जन प्लस के मामलों के लिए 15, 35 और अधिकतम 75 कार्य दिवस की समय सीमा तय कर दी गई है।

जाली दस्तावेजों पर अनिवार्य प्राथमिकी, ‘ऑपरेशन भूमि दखल देहानी’, डिजिटल हस्ताक्षरित नकल, पारिवारिक बंटवारा पोर्टल, समता के सिद्धांत का अनुपालन, और कॉल सेंटर 1800-3456-215 के जरिये मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। उपमुख्यमंत्री ने सैनिकों और सुरक्षाकर्मियों के भूमि मामलों को प्राथमिकता से निपटाने का निर्देश भी दिया। पटना से शुरू हुआ यह संवाद अब कई जिलों तक पहुंच चुका है और इसका उद्देश्य सीधे जनता से संवाद कर जमीन संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है।
























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