“रिश्वत की पहली किस्त ही बनी गिरफ्तारी की वजह”
📍 गया | : ओम शर्मा
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी मुहिम के बीच गया जिले से एक ऐसी कार्रवाई सामने आई है जिसने प्रशासनिक गलियारों में सख्त संदेश दे दिया है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने नगर प्रखंड, गया के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) राकेश कुमार को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी नगर प्रखंड कार्यालय स्थित प्रखंड प्रमुख सुचिता रंजनी के चैंबर से ही की गई — वही कमरा जहां आमतौर पर विकास योजनाओं की समीक्षा होती है, वहीं भ्रष्टाचार का सौदा पकड़ा गया।

मामला तब सामने आया जब प्रखंड प्रमुख सुचिता रंजनी ने निगरानी विभाग, पटना में शिकायत दर्ज कराई कि बीडीओ राकेश कुमार विकास योजनाओं की स्वीकृति और भुगतान से जुड़े कार्यों में सहयोग करने के बदले ₹1,00,000 की रिश्वत की मांग कर रहे हैं। आरोप है कि वे लगातार फोन कर भुगतान के लिए दबाव बना रहे थे, यहां तक कि डिजिटल माध्यम से भी रकम देने का इशारा कर रहे थे। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने पहले सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक सत्येंद्र राम के नेतृत्व में धावा दल गठित कर जाल बिछाया गया।
तय योजना के तहत जैसे ही बीडीओ ने ₹50,000 की पहली किस्त स्वीकार की, टीम ने तत्काल छापा मारकर उन्हें रंगेहाथ दबोच लिया। मौके से रिश्वत की राशि भी बरामद की गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी को पूछताछ के लिए हिरासत में लेकर निगरानी विभाग पटना ले जाया गया, जहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सूत्रों के अनुसार उन्हें विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना में पेश किया जाएगा।
शिकायतकर्ता प्रखंड प्रमुख सुचिता रंजनी ने आरोप लगाया कि बीडीओ के कार्यकाल के दौरान पंचायत प्रतिनिधि और कर्मचारी लगातार दबाव में थे और विभिन्न कार्यों में अनावश्यक आपत्तियां लगाकर पैसों की मांग की जाती थी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से तंग आकर उन्होंने निगरानी से संपर्क किया। गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज है और निगरानी विभाग की सराहना की जा रही है।
यह कार्रवाई सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि एक कड़ा संदेश है — विकास के नाम पर घूस मांगने वालों के लिए अब बच निकलना आसान नहीं। गया की यह घटना साफ संकेत देती है कि शिकायत कीजिए, सिस्टम जाग रहा है, और रिश्वतखोरी अब जोखिम भरा सौदा बनती जा रही है।
























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