ओम प्रकाश शर्मा/ कोलकाता/विशेष रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों पर होने वाले इस चुनाव में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। चुनाव दो चरणों में होंगे—पहला चरण 23 अप्रैल 2026 और दूसरा चरण 29 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा।
चुनाव से ठीक पहले वाम दलों के भीतर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। Biman Bose, जो वाम मोर्चा के अध्यक्ष हैं, उन्होंने घोषणा की कि वाम मोर्चा की सदस्य पार्टियों ने कुल 192 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इससे पहले Communist Party of India (Marxist–Leninist) Liberation ने भी कहा था कि वह वाम मोर्चा से चर्चा के बाद 10 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
इस चुनाव में मुख्य मुकाबला All India Trinamool Congress, Bharatiya Janata Party और Left Front के बीच माना जा रहा है।
उत्तर बंगाल से शुरू होगा चुनावी रण
पहले चरण में उत्तर बंगाल और कुछ अन्य जिलों की सीटों पर मतदान होगा। इन जिलों में कूचबिहार, अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर और मालदा शामिल हैं।
कूचबिहार जिला (9 सीटें)
यहां मेकलीगंज (SC), माथाभांगा (SC), कूचबिहार उत्तर (SC), कूचबिहार दक्षिण, सितलकुची (SC), सिताई (SC), दिनहाटा, नताबाड़ी और तुफानगंज विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं।
इन सीटों पर तृणमूल कांग्रेस, भाजपा और वाम मोर्चा के बीच सीधा मुकाबला होने की संभावना है।
अलीपुरद्वार जिला (5 सीटें)
यहां कुमारग्राम (ST), कालचीनी (ST), अलीपुरद्वार, फालाकाटा और मदारीहाट विधानसभा सीटें हैं।
जलपाईगुड़ी जिला (7 सीटें)
जलपाईगुड़ी जिले की सीटें हैं
धुपगुड़ी (SC), मयनागुड़ी (SC), जलपाईगुड़ी (SC), राजगंज (SC), डाबग्राम-फुलबाड़ी, माल (ST) और नागराकाटा (ST)।
दार्जिलिंग और कालिम्पोंग
यह पहाड़ी क्षेत्र हमेशा से राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जाता है। यहां की सीटें हैं—
- कालिम्पोंग
- दार्जिलिंग
- कर्सियांग
- माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी (SC)
- सिलीगुड़ी
- फांसीदेवा (ST)
यहां Bharatiya Gorkha Prajatantrik Morcha भी चुनाव मैदान में सक्रिय है।
उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर में कड़ा मुकाबला
उत्तर दिनाजपुर (9 सीटें)
यहां की प्रमुख सीटें हैं
चोपड़ा, इस्लामपुर, गोलपोखर, चाकुलिया, करंदीघी, हेमताबाद (SC), कालियागंज (SC), रायगंज और इटाहर।
दक्षिण दिनाजपुर (6 सीटें)
कुशमंडी (SC), कुमारगंज, बालुरघाट, तपन (ST), गंगारामपुर (SC) और हरिरामपुर।
मालदा और मुर्शिदाबाद का राजनीतिक महत्व
मालदा (12 सीटें)
यहां की सीटें हैं—
हबीबपुर (ST), गाजोल (SC), चांचल, हरिशचंद्रपुर, मालतीपुर, रतुआ, मानिकचक, मालदा, इंग्लिश बाजार, मोथाबाड़ी, सुजापुर और बैस्नाबनगर।
मुर्शिदाबाद (22 सीटें)
यह जिला चुनावी दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। यहां की सीटें हैं—
फरक्का, समसेरगंज, सुती, जंगीपुर, रघुनाथगंज, सागरदिघी, लालगोला, भगबांगोला, रानीनगर, मुर्शिदाबाद, नबाग्राम (SC), खारग्राम (SC), बुर्वान (SC), कांडी, भारतपुर, रेजिनगर, बेलडांगा, बहारामपुर, हरिहरपाड़ा, नौदा, डोमकल और जलंगी।
नदिया और उत्तर 24 परगना में राजनीतिक जंग
नदिया (17 सीटें)
यहां की प्रमुख सीटें हैं—
करिमपुर, तेहट्टा, पलाशीपाड़ा, कालिगंज, नकाशीपाड़ा, चापड़ा, कृष्णानगर उत्तर, नवद्वीप, कृष्णानगर दक्षिण, शांतिपुर, रनाघाट उत्तर पश्चिम, कृष्णागंज (SC), रनाघाट उत्तर पूर्व (SC), रनाघाट दक्षिण (SC), चकदाहा, कल्याणी (SC) और हरिंगहाटा (SC)।
उत्तर 24 परगना (33 सीटें)
यह राज्य का सबसे बड़ा चुनावी जिला है। यहां की सीटों में शामिल हैं—
बागदा (SC), बोंगांव उत्तर (SC), बोंगांव दक्षिण (SC), गाईघाटा (SC), स्वरूपनगर (SC), बदुरिया, हाबरा, अशोकनगर, आमडांगा, बिजपुर, नैहाटी, भाटपाड़ा, जगदल, नोआपाड़ा, बैरकपुर, खड़दहा, दमदम उत्तर, पानीहाटी, कमरहाटी, बरानगर, दमदम, राजारहाट न्यू टाउन, बिधाननगर, राजारहाट गोपालपुर, मध्यमग्राम, बरासात, देगंगा, हरुआ, मिनाखां (SC), संदेशखाली (ST), बसिरहाट दक्षिण, बसिरहाट उत्तर और हिंगलगंज (SC)।
दक्षिण 24 परगना और कोलकाता का चुनावी माहौल
दक्षिण 24 परगना (31 सीटें)
इस जिले की प्रमुख सीटें हैं—
गोसाबा (SC), बसंती (SC), कुलतली (SC), पाथरप्रतिमा, काकद्वीप, सागर, कुलपी, रायदीघी, मंदिरबाजार (SC), जयनगर (SC), बारुईपुर पूर्व (SC), कैनिंग पश्चिम (SC), कैनिंग पूर्व, बारुईपुर पश्चिम, मगराहाट पूर्व (SC), मगराहाट पश्चिम, डायमंड हार्बर, फलता, सतगछिया, बिष्णुपुर (SC), सोनारपुर दक्षिण, भांगर, कसबा, जादवपुर, सोनारपुर उत्तर, टॉलीगंज, बेहाला पूर्व, बेहाला पश्चिम, महेशतला, बजबज और मेटियाब्रूज।
कोलकाता (11 सीटें)
राजधानी कोलकाता की सीटें हैं—
कोलकाता पोर्ट, भवानीपुर, रशबेहारी, बालीगंज, चौरंगी, एंटाली, बेलघाटा, जोरासांको, श्यामपुकुर, मानिकतला और काशीपुर-बेलगछिया।
हावड़ा और हुगली की सीटें
हावड़ा (16 सीटें)
बाली, हावड़ा उत्तर, हावड़ा मध्य, शिवपुर, हावड़ा दक्षिण, संकराइल (SC), पंचला, उलूबेरिया पूर्व, उलूबेरिया उत्तर (SC), उलूबेरिया दक्षिण, श्यामपुर, बगनान, अमता, उदयनारायणपुर, जगतबल्लभपुर और डोमजुर।
हुगली (18 सीटें)
उत्तरपाड़ा, श्रीरामपुर, चंपदानी, सिंगूर, चंदननगर, चुंचुरा, बलागढ़ (SC), पांडुआ, सप्तग्राम, चंदितला, जंगीपाड़ा, हरिपाल, धनेखाली (SC), तारकेश्वर, पुरसुरा, आरामबाग (SC), गोगहाट (SC) और खानाकुल।
पश्चिम और पूर्व मेदिनीपुर
पूर्व मेदिनीपुर (16 सीटें)
तमलुक, पांसकुरा पूर्व, पांसकुरा पश्चिम, मोयना, नंदकुमार, महिषादल, हल्दिया (SC), नंदीग्राम, चंदीपुर, पटाशपुर, कांथी उत्तर, भगबानपुर, खेजुरी (SC), कांथी दक्षिण, रामनगर और एगरा।
पश्चिम मेदिनीपुर (15 सीटें)
दांतन, केसियारी (ST), खड़गपुर सदर, नारायणगढ़, सबंग, पिंगला, खड़गपुर, देबरा, दासपुर, घाटाल, चंद्रकोना (SC), गढ़बेता, सालबोनी, केशपुर (SC) और मेदिनीपुर।
झारग्राम, पुरुलिया और बांकुड़ा
झारग्राम
नयाग्राम (ST), गोपीबल्लवपुर, झारग्राम और बिनपुर (ST)।
पुरुलिया (9 सीटें)
बंदवान (ST), बलरामपुर, बाघमुंडी, जयपुर, पुरुलिया, मानबाजार (ST), काशीपुर, पारा (SC) और रघुनाथपुर (SC)।
बांकुड़ा (12 सीटें)
सालतोरा (SC), छातना, रानीबांध (ST), रायपुर (ST), तालडांगरा, बांकुड़ा, बरजोरा, ओंदा, बिष्णुपुर, कतुलपुर (SC), इंडास (SC) और सोनामुखी (SC)।
बर्धमान और बीरभूम
पूर्व बर्धमान (16 सीटें)
खंडघोष (SC), बर्धमान दक्षिण, रैना (SC), जमालपुर (SC), मोंटेश्वर, कालना (SC), मेमारी, बर्धमान उत्तर (SC), भातार, पूर्वस्थली दक्षिण, पूर्वस्थली उत्तर, कटवा, केतुग्राम, मंगलकोट, आउसग्राम (SC) और गलसी (SC)।
पश्चिम बर्धमान (9 सीटें)
पांडाबेश्वर, दुर्गापुर पूर्व, दुर्गापुर पश्चिम, रानीगंज, जामुरिया, आसनसोल दक्षिण, आसनसोल उत्तर, कुल्टी और बाराबनी।
बीरभूम (11 सीटें)
दुबराजपुर (SC), सूरी, बोलपुर, नानूर (SC), लाबपुर, सैंथिया (SC), मयूरेश्वर, रामपुरहाट, हंसन, नलहाटी और मुराराई।
सर्वे में क्या कह रहे आंकड़े
हाल ही में जारी सर्वे के अनुसार—
- तृणमूल कांग्रेस गठबंधन को 155–170 सीटें मिल सकती हैं
- भाजपा को 100–115 सीटें
- वाम मोर्चा को कुछ सीमित सीटें मिलने का अनुमान है।
चुनावी माहौल और राजनीतिक रणनीति
इस बार का चुनाव कई कारणों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है—
- ग्रामीण इलाकों में विकास और रोजगार का मुद्दा
- उद्योग और निवेश
- कानून व्यवस्था
- केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल में इस बार मुकाबला काफी रोचक होने वाला है।




























Leave a Reply