डिजिटल एग्रीकल्चर से जैव-प्रौद्योगिकी तक व्यापक सहयोग
नई दिल्ली, 17 दिसंबर 2025: भारत और अर्जेंटीना ने कृषि अनुसंधान, क्षमता निर्माण और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी विनिमय को नई दिशा देने के उद्देश्य से ICAR–INTA कार्य योजना 2025–27 पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच संवहनीय कृषि विज्ञान, डिजिटल एग्रीकल्चर और जैव-प्रौद्योगिकी सहयोग को मजबूती मिलेगी; समझौते पर कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट तथा भारत में अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो ऑगस्टिन कौसिनो ने हस्ताक्षर किए, जिसके तहत प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, बिना जुताई की खेती, सूक्ष्म सिंचाई व फर्टिगेशन, कृषि मशीनीकरण, फसल एवं पशु जैव-प्रौद्योगिकी, पशुधन सुधार, समशीतोष्ण व उष्णकटिबंधीय फसलों की उत्पादन तकनीक, जैव-सुरक्षा, पादप स्वच्छता, मूल्य श्रृंखला विकास और डिजिटल कृषि जैसे क्षेत्रों में संयुक्त कार्य होगा; योजना में विशेषज्ञों का आदान-प्रदान, प्रशिक्षण और अध्ययन दौरे शामिल हैं, जिनमें ग्रीनहाउस सब्जी उत्पादन, फूलों की खेती, समशीतोष्ण फल, कटाई-पश्चात संरक्षण, पोषण-समृद्ध खाद्य विकास, पशु चिकित्सा निदान, अपशिष्ट-से-संसाधन तकनीक और माइक्रोबियल फीड जैसे विषय प्रमुख हैं, जबकि जर्मप्लाज्म विनिमय के तहत सोयाबीन, सूरजमुखी, मक्का, ब्लूबेरी, साइट्रस, जंगली पपीता, अमरूद और चयनित सब्जियों को शामिल किया गया है; दोनों देश तिलहन-दलहन मूल्य श्रृंखला, ड्रोन व नो-टिलेज सहित कृषि मशीनीकरण, बागवानी अवसंरचना, रोपण सामग्री तथा पादप एवं पशु स्वास्थ्य—विशेषकर खुरपका-मुँहपका रोग उन्मूलन और टिड्डी निगरानी—पर सहयोग बढ़ाएंगे, साथ ही वार्षिक निगरानी और समीक्षा के माध्यम से प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।






























Leave a Reply